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यूपी में नगर निकाय चुनाव : इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों की पहली खेप शाहजहांपुर पहुंची

यूपी में निकाय चुनाव को लेकर आयोग की सक्रियता ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है. प्रशासन ने भी जरूरी तैयारियां शुरू कर दी हैं। लेकिन इसी बीच चुनाव आयोग ने प्रत्याशियों के चुनाव खर्च की सीमा बढ़ा दी है। महापौर पद के प्रत्याशी की चुनाव खर्च सीमा 15 लाख रुपये तक बढ़ी है। पार्षद पद उम्मीदवार तीन लाख रुपए खर्च कर सकेंगे।

इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों की पहली खेप शाहजहांपुर पहुंची इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों की पहली खेप शाहजहांपुर पहुंची
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विकास पी उत्तंक

शाहजहांपुर , 20-09-2022


उत्तर प्रदेश में होने वाले नगरीय निकाय चुनाव नवम्बर-दिसम्बर में सम्पन्न कराने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने तैयारी शुरू करी दी हैं. इसके तहत भारत निर्वाचन आयोग से आवंटित इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों की एक खेप लखनऊ से यहां पहुंच गई. सभी ईवीएम ऑफीसर्स कॉलोनी में बनाए गए ईवीएम वेयर हाउस में कड़ी सुरक्षा में रखी गई हैं.

आयोग ने सबसे पहले इन चुनाव में विभिन्न पदों पर खड़े होने वाले उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों के मूल्य और जमानत राशि तय की है. साथ ही उम्मीदवारों के चुनाव खर्च की अधिकतम सीमा भी तय कर दी है.

गौरतलब है कि 2017 में चुनाव के बाद नगर पालिका को नगर निगम घोषित कर दिया गया था. पिछले पांच साल से नगर निगम की कोई सुध लेने वाला नहीं था. नगर निगम के प्रशासनिक अधिकारियों पर जनता की कोई लगाम नहीं थी. नगर की आवो-हवा में नगर निगम के अधिकारियों का अड़ियल रवैया आम नागरिकों के लिए हमेसा सिरदर्द ही बना रहा है. बिना किसी योजना के पूरे शहर में आये दिन सड़कें खोद के डाल दी जाती हैं, आखिर आम जनता नगर निगम की नाकामियों को कब तक झेले. लेकिन इसी बीच आम पब्लिक के लिए एक खुशखबरी है. चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। माना जा रहा है कि चुनाव नवंबर में हो सकते हैं. राजनीतिक दलों के साथ ही प्रशासन ने भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं.

शाहजहांपुर के निकाय चुनाव प्रभारी व एडीएम फाइनेंस त्रिभुवन ने बताया कि अभी तक पहले चरण में ईवीएम की 1923 सीयू (कंट्रोल यूनिट) और 2348 बीयू (बैलेट यूनिट) लाई गईं हैं जो कि यूपी के राज्य निर्वाचन आयुक्त कार्यालय से प्राप्त हुई हैं. इन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच ओसीएफ में रखा गया है. इनके अलावा नगर निगम से भेजी गई मांग के अनुसार ईवीएम जुटाने का प्रयास किया जाएगा. आवश्यकता पड़ने पर आगे भी ईवीएम मंगाई जा सकती हैं और बहुत जल्द उनका मिलान करके परीक्षण कराया जाएगा.

आपको बता दें कि इस बीच चुनावी खर्च की सीमा बढ़ाकर चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को कुछ राहत दी गई है. मेयर के चुनाव खर्च की सीमा 40 लाख रुपये कर दी गई है. यानी पिछले नगर निगम चुनाव 2017 की तुलना में इस बार यूपी नगर निगम चुनाव भी महंगे हो गए हैं. इसके साथ ही पार्षद के खर्च की सीमा भी बढ़ा दी गई है.

चुनाव खर्च सीमा 2017 में बढ़ाई गई थी. उसके बाद इस बार होने वाले चुनाव में फिर बढ़ोतरी की गई है. साथ ही नामांकन शुल्क और जमानत राशि भी बढ़ा दी गई है. आयोग की ओर से संयुक्त निर्वाचन आयुक्त एवं विभागाध्यक्ष सुधा वर्मा ने आदेश जारी किया है. इस आदेश के अनुसार इस बार अनारक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए महापौर पद के प्रत्याशी के नामांकन पत्र का मूल्य 1000 रुपये और जमानत राशि 12000 रुपये तय की गई है.

80 या इससे अधिक वार्ड वाले नगर निगमों में महापौर प्रत्याशी 40 लाख रुपये तक खर्च कर किए जा सकते हैं. 80 या इससे अधिक वार्ड वाले नगर निगमों में महापौर प्रत्याशी 40 लाख रुपये तक खर्च कर सकेंगे, पहले यह राशि 25 लाख थी. वहीं, जहां वार्डों की संख्या 80 से कम है, वहां महपौर उम्मीदवार 35 लाख रुपये खर्च कर सकेंगे, जो पहले 20 लाख रुपये थी. नगर पार्षद पद के लिए प्रत्याशी चुनाव में अधिकतम 3 लाख रुपए खर्च कर सकेंगे, जो पहले 2.5 लाख रुपए था.


Published: 20-09-2022

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